कुछ बूंदे उम्मीद की !!!
Author :
सदा
Blog :sada-srijan
Date: 7/16/2012 8:49:00 AM
कुछ बूंदे उम्मीद की
बरसी हैं बादलों से झगड़कर
आईं हैं धरती पर प्यास बुझाने उसकी
मिलकर माटी से हो गई हैं माटी
सोंधेपन की खुश्बु जब
लिपट गई गई झूम के बयार से
सावन ने हथेली में लिया प्यार से
उम्मीद की कुछ बूंदों को
मेंहदी में मिलाकर
रचा लिया जो हथेलियों को
...
कुछ बूंदे उम्मीद की
बरसी हैं
किसान की आंखों से
बीज़ बो आया है धरती में
अभिषेक उसका ये सफल होगा
आने वाला कल शीतल होगा
...