छह मई को हमने हास्य दिवस मनाया . यह दिवस हमारी सेहत से जुडा है क्योंकि हमेशा उन्मुक्त होकर हंसने से हमारा मानसिक और शारीरिक स्वस्थ्य बना रहता है. डॉक्टरों के अनुसार खुलकर हंसने से हमारे सम्पूर्ण शरीर का स्वतः ही व्यायाम हो जाता है और शरीर के अंदरूनी अंगों की क्रियाशीलता भी बढ़ जाती है. हँसना और हँसाना अपने आप में एक ऐसा व्यायाम है जिसमें कुछ भी खर्च नहीं करना होता है. यदि हम तन और मन से स्वस्थ बने रहना चाहते हैं तो हमें अपने जीवन में हंसने और हंसाने के मन्त्र को अवश्य अपनाना चाहिए.