कुछ लिखना चाहा
Author :
Punkster
Blog :Whispers From My Heart....
Date: 3/20/2012 8:19:00 AM
आज फिर कलम उठायाकुछ लिखना चाहा
पर दिल की आवाज़ को
शांत मैंने पाया
एक दिल की पुकार को
अनसुना कर देती है दुनिया
और हिम्मत हार कर
ये चुप हो जाता है हर बार
अज्नाबीयो की बसती मैं
तनहा रह जाता है हर बार
तब इस अंदरूनी सरनाटऐ मैं
छुप जाता है इंतज़ार
एक खोये हुए चेहरे की तरह
कुछ खोयी हुई उमीदो की तरह
ये दिल भी अपना अस्तित्व खो देता है
और अचानक इसे एहसास होता है
की ये कितना अकेला है ...
आज फिर कलम उठाया
कुछ लिखना चाहा
पर दिल की आवाज़ को
शांत मैंने पाया