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जलसा ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 17-05-2013 02:38:00

'चेले-चपाटों की आड़ में गुरु बार बार बच रहे हैं 'उदय' वर्ना, कौन नहीं जानता, गुरुमंत्र दिया उन्होंने ही है ? ... भू-भा, भा-भू, की लड़ाई में ये तो कमाल हो गया जो न भू था, और न भा था, वो जीत गया 'उदय' ? ... उनकी फनकारी के, हम कायल हैं 'उदय', गर शोर थमा नहीं तो वे उसे, रेल से उतार कर,............हवाई जहाज में चढ़ा देंगे ??... रंगों में रंगने की बात होती, तो हम रंग जाते  उनकी शर्त थी, कि - हमसे हो जाओ तु(...)'

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चिट-फंड ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 11-05-2013 03:16:00

'क्या खूब गिड़-गिड़ा रहे हैं गिगिरगिट्टे जिन्होनें वक्त रहते रंग नहीं बदला ? ... जोर उनका चलता नहीं है वर्ना, वो पिछवाड़े भी लगा के घूम लेते लाल बत्ती ? ... मौत उसकी भी 'उदय',.....रंग ला रही है तमाम हिजड़ों की जुबाँ लप-लपा रही है ? ... वक्त-वक्त की बात है 'उदय' वही कुत्ता, वही शेर है ????... सरकार उनकी है, और खुद सरकार भी हैं वो चिट हो या हो फंड, कौन क्या बिगाड़ लेगा ? ... '

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पैंतरेबाजी ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 05-05-2013 03:05:00

'खेत उनका, खलिहान उनका, और अब तो फसल भी हुई है उनकी कैसे ?.. आखिर वे सरकार हैं, व्यापारी हैं, और दलाल भी तो हैं ??... हमारा उनसे 'उदय', कुछ इनडायरेक्ट सा कनेक्शन है भरी महफ़िल में, कैसे रु-ब-रु हो जाएँ हम उनसे ???... किसने रोका है तुम्हें, कस के बरस जाया करो बन के बूँद-बूँद,......अब और न सताया करो ?... उनकी राजनैतिक पैंतरेबाजी भी कमाल की है 'उदय' बिन पेंदी के होकर भी कहीं न कहीं थम ही जाते हैं ?(...)'

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हिन्दी साहित्य ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 28-04-2013 08:33:00

'उनकी गलियों में, पाँव रखने से पहले ज़रा सोच लेते वो हिन्दोस्तां की तरह, तुम्हारे बाप की जागीर नहीं है ?... सच ! आज उन्ने, उनकी फोटो पे चैंप दी है गजब की कमेन्ट ऐंसा लगता है 'उदय', फेसबुकिया मेट्रो में, है वीराना छाया ?... मेहमानों को, घुसपैठिया कहना जायज नहीं है 'उदय' क्योंकि - अब वो सरहद पे नहीं, अपने आँगन में हैं ?... अब तुम 'उदय', हिन्दी औ हिन्दी साहित्य की बातें न करो इक ये ही तो डगर है, जहाँ जिन्दों की कहीं कोई क़(...)'

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बादशाहत ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 22-04-2013 05:13:00

'दंगे तो दंगे हैं, फिर भले चाहे वो चौरासी के हों, या हों दो हजार दो के किसी भी दंगाई पे रहम, औ रहनुमाई की बातें हमें मंजूर नहीं होंगी ?... ये उनके शेर हैं 'उदय', कोई डर्टी जोक नहीं हैंजो लोग,........बेवजह ही ठहाके मारते रहें ? ... हम जानते हैं 'उदय', वो अपनी पेशाबी औकात से बाज नहीं आयेंगे कभी पर, किन्तु, परन्तु, मगर, अगर, डगर, ...... आज उनकी बादशाहत है ? ... अब हम, उन कुकुरमुत्तों की शान में क्या कहें 'उदय'वे तो, ब(...)'

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सर्टिफिकेट ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 18-04-2013 05:58:00

'सच ! ये "माँ" की दुआओं का ही तो असर है 'उदय' क़यामत की घड़ी में भी, हम सलामत चल रहे हैं !!... आओ, करें कुछ मौज-मस्ती संग में यारा अकेले तुम अकेले हम, अच्छे नहीं लगते ? ... तेरी चौखट पे, खुद-ब-खुद सिर झुक गया है मेरा माँ अब तू ही बता, आगे किस ओर इशारा है तेरा ?... वो जब मिलते हैं 'उदय', तो हम हंस लेते हैं, वर्ना लाख बहाने भी, कम पड़ते हैं मुस्कुराने के लिए ?... लो, वो उन्हें, नाकामयाबी का सर्टिफिकेट (...)'

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एहसान ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 15-04-2013 10:13:00

'हम जानते हैं 'उदय', हम कभी, उनके लिए नहीं लिखते जो, ....... चाहकर भी, कभी पल्लु से बाहर नहीं आते ?... हद है 'उदय', जैसे कल ही सरकार बन रही हो उनकी जो आज, आपस में, खुद ही खेल रहे हैं राजा-राजा ?... सच ! बहुत काफी हुए मुझपे तेरे एहसान अब यारा मुझे भी चूम लेने दे, कि - कुछ हो जाऊं मैं हल्का !!... लो, अब वो भी उनके इशारों पे खूब नाँच रहे हैं 'उदय' सच ! ......................... वे गजब मदा(...)'

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ढोंग ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 13-04-2013 03:01:00

'हम कैसे उनको उनके हाल पे छोड़ दें 'उदय' आखिर, उनका होना ही तो हमारा होना है ? ... उफ़ ! जिनके चहरे पे झलक रहा है ढोंग फिर भी उन्हें,...पंडित कह रहे हैं लोग ?... तुम्हें तो अक्सर ही हम सुनते आये हैं 'उदय' कभी हमारी भी तो तनिक सुन लिया कीजे ?... तुम जब मिलते हो तो हम हंस लेते हैं, वर्ना लाख बहाने भी कम पड़ते हैं हंसने के लिए ?... सच ! आखिर उन्हें भी तो, खुद को आजमाना था बस इसी फिराक में, वो देख के मुस्कुराए थे (...)'

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कुसूर ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 10-04-2013 17:37:00

'क्या खूब अपार्टमेन्ट बनाया है 'खुदा' ने हर एक माले की, है अपनी अपनी खूबी ? ... शर्त तुम्हारी, पद हमारा कहो अब क्या कहना है ?... लो, उन्ने उन्हें हिट करने की सुपाड़ी ली है जैसे, वे खुद ही........साहित्यिक डॉन हों ?... गर हम चाहेंगे तो सजदे में तुझे मांग लेंगे बाद उसके, 'खुदा' जाने या तू जाने ?????... ये, उनके तंग लिबासों का कुसूर नहीं है 'उदय' हुस्न का जिस्म से छलकना भी तो जायज है ?... '

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बेझिझक ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 09-04-2013 06:32:00

'हर घड़ी, यूँ ही गुमसुम मत रहा कीजे दिल की बातें भी तो, कुछ कहा कीजे ?इक तेरी दीद को हम तरशते हैं सुबह-औ-शाम देख के हमको, तनिक मुस्कुरा दिया कीजे ??हमारे लव तो सिल दिए हैं जहां के दस्तूरों ने तुम तो दिल की, बेझिझक कह दिया कीजे ? सच ! मिलेगा क्या तुम्हें, दूर रहकर हमसे तनिक सिमट के भी तो मिल लिया कीजे ?किसने रोका है तुम्हें राह में दिलवर तुम तो बेधड़क आया-जाया कीजे ? रखा है क्या, मिलेगा क्या तुम्हें परछाइय(...)'

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हिचकियाँ ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 07-04-2013 03:51:00

'उनकी तरह, उनका भी हक़ है हमें आजमाने का कोई तो होगा, ............ जो उधेड़ लेगा हमको ? ... वो इक बार कह तो दें, कि - दंगाइयों संग रिश्ता-नाता है तो फिर, हमारी बस्तियाँ ............. हम खुद जला देंगे ? ... लो, भरी दोपहर में, घोर अन्धेरा छा गया उफ़ ! मुहब्बत उनकी, दगाबाज निकली ? ... तुम्हारी हिचकियाँ बयाँ कर रही हैं हाजिरी मेरी बस इतना तो बता दो, कब हम जुबाँ पे होंगे ?... सच ! कभी टेड़ी तो कभी सीधी, ख(...)'

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फ़रिश्ते ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 04-04-2013 07:07:00

'तनिक जोर-आजमाईश तुम भी कर लो, फिर देखें, बनाते हो या बनते हो एप्रिल-फूल खुद यारा ? ... वो इतने भी मुलायम नहीं हैं 'उदय', कि - दबाने से दब जाएँ पर, गर, खुद उनकी ही मंसा हो, तो फिर हम क्या कहें ???... आज हमारी मुहब्बत का इम्तिहान है 'उदय' चुप रहो, ये पैगाम भेजा है उन्ने ???????... ऐंसा सुनते हैं 'उदय', जो दिखता है वही बिकता है तो फिर, दुनिया ये समझ ले, हमें बिकना नहीं है ?... एक तो, वो बगैर सहारे के खड़े ह(...)'

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हुजूर ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 01-04-2013 08:03:00

'हद है ! अनशन को उपवास बता रही है मीडिया अब इसे,.....क्यूँ न हम उनकी बेशर्मी समझें ?... ये दोस्ती का ही तो असर है शायद, कि -हम नजर में हैं, औ नजर से दूर भी हैं ?... सच ! अब हम, किसको सुबह, औ किसको शाम कहें मुहब्बत में, हर घड़ी नवतपे सी लपटें उठा करती हैं ? ... दुनियादारी का हुनर कोई उनसे सीखे 'उदय' चवन्नी छाप होके भी सरकार बने बैठे हैं ? ... एक अर्से के बाद नजर आये हैं हुजूर शायद (...)'

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दगाबाज ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 30-03-2013 05:09:00

'न तो तुम चैन से मिलते हो, औ न मिलने देते हो इस कदर बेचैनी का, ..........हम सबब तो जानें ?...लो, एक तो वो खुद ही, पंदौली दे रहे सरकार को और हमसे कहते हैं, कि -........दगाबाज हैं वो ?... कभी टेड़ी, तो कभी सीधी, खुद-ब-खुद हो जाती है उफ़ ! बहुत 'मुलायम' है................दुम उनकी ?... हमने तो 'उदय', उनके दिल को सहलाया भी था, औ बहलाया भी था मगर, फिर भी ...................................... वो दगाबाज निकला ?... अब इसमें दोष उनका तनिक भी न(...)'

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शर्म का पर्दा ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 28-03-2013 04:59:00

'वैसे तो, आज का हर आदमी, कवि है, कलाकार है बस, नहीं है तो,......एक अच्छा दुकानदार नहीं है ? ... उनकी सिसकियाँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं 'उदय' अब 'रब' ही जाने, कैसा जलजला आया है उन पर ??... उनका भी अंदाज, कुछ अजब, कुछ गजब, कुछ निराला है खुद को ही,............................ खुद बधाई दे रहे हैं वो ? ... कश्मकश, सपने, महकती रातें, और वो बेबाक लिपटना तेरा गर हम चाहें भी तो, कैसे...................भूल जायें वो मंजर ?... म(...)'

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दागदार ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 25-03-2013 06:47:00

'सच ! उम्र संबंधों की 'उदय', सोलह रहे या अठारह होना वही है, जो अक्सर नादानियों में हो जाता है ? ... गर, तुमसे पहले भी,....................हमें किसी से प्यार हुआ होता तो शायद आज हम, मुहब्बती रश्मों-रिवाजों से अनजान नहीं होते ? ... आतंकियों की मौत पे, सहानुभूति अच्छी नहीं यारा वर्ना, पाक दामन भी.................दागदार समझो ?... सच ! वे खुद को, पीर, मौला, हकीम, कहते हैं 'उदय' पर, बगैर तमंच्ची घेरों के, घर से(...)'

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सूट-बूट ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 20-03-2013 15:43:00

'उनकी मुहब्बत की, अब हम क्या मिसाल दें शौहरत की चाह में, .... उन्ने बांहें बदल लीं ? ... 'खुदा' जाने किस दौर से गुजर रहे हैं वो वजह न भी हो, तो भी मुस्कुरा उठते हैं ?... गर हम 'उदय', कल उनकी गलियों से, गुजरे नहीं होते तो शायद आज हम, हर एक आँख को खटके नहीं होते ?... सूट-बूट है, तो कविता लिखो, पढ़ो, करो वर्ना, बे-फिजूल में वक्त जाया न करो ?... तरीके चाहे जो हों, पर नतीजे अपने हों अब आज क(...)'

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ब्रेक-अप ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 19-03-2013 04:19:00

'सच ! जिस्म से रूह निकल रही है मेरे तनिक और ठहर जाओ तो सुकूं मिले ?... न कद है न काठी है, न दिमाग है न खुबसूरती फिर भी, .......................... वो सरकार हैं ? ... अब जब ब्रेक-अप हो ही रहा है तो हिसाब-किताब पूरा कर लो कहीं ऐंसा न हो, दो-चार चुम्बन तुम्हारे हमारे पास रह जाएँ ?... जनता को मिर्गी की बीमारी है, या सत्ताधारियों को कोई तो बताये 'उदय', हम जूता सुंघायें किसे ????... आओ किसी पुरानी बात को याद कर के ठहाके लगा लें वर(...)'

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टेड़ी की टेड़ी ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 15-03-2013 07:46:00

'उनकी खुशी के, कोई मिजाज तो देखे 'उदय' मंद-मंद मुस्कुराते हैं परेशां देख कर हमको ? ... तुम उंगली पकड़ लो, या पगडंडी पकड़ा दो फिर देखें, कैसे भूलते हैं हम घर तुम्हारा ? ... हदों में होते, तो वो हदें पार करते दुम कुत्ते की, रहेगी टेड़ी की टेड़ी ?... कुछ तो बोलो मियाँ, मौला, मेरे परवरदिगार खब्बीसों को,.........क्यूँ मिला ऊँचा दरवार ?... तुम्हारा दिल है,....................तुम्हारी मर्जी पर, किसी और को चाहा, तो उसकी खै(...)'

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मुहब्बत ...

Author : उदय - uday      Blog : कडुवा सच      Date : 13-03-2013 09:03:00

'जी चाहता है 'उदय', डूब जायें उनमें गर खो भी गए तो गिला नहीं होगा ? ... लो, आज सारा शहर, हमसे.........बेइन्तहा नाराज है 'उदय'वजह, कुछ ख़ास नहीं, कल हमने उनकी हाँ में हाँ नहीं भरी ? ... अब मर्जी तुम्हारी, जो चाहे नाम ले लो बेरहम कह लो,.....या बेवफा कह लो ? ... लो, दफ़्न हो गई, कल.....एक और मुहब्बत उनकी............................खामोशियों में ? ... झूठे दिलासों को....हथियार बनाया था उन्ने और(...)'

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चिट्ठाकार

पिछले 24 घंटे में सक्रिय चिट्ठाकार. कोष्ठक में दिखाई गई संख्या पिछले 24 घंटे में प्रकाशित कड़ियों को व्यक्त करती हैं.



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