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असगर अली इंजीनियर-शांति और सद्भाव का योद्धा

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 21-05-2013 05:14:00

'बहुवादी मूल्यों के संरक्षण का असगर अली इंजीनियर का संघर्ष -राम पुनियानी10 March 1939  To  14 May 2013(१४ मई, २०१३ को हमने असगर अली इंजीनियर को खो दिया. उनका चला जाना, मानवाधिकारों व धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के संरक्षण के आन्दोलन व साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई के लिए अपूर्णीय क्षति है. मेरे अजीज दोस्त और मेरे सम्मान के पात्र डाक्टर इंजीनियर को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि) पिछले तीन दशकों ने यह साबित किया है कि देश को विभाजित करने के साम्प्रदायिक ताकतों के प्रयास, समाज में शांति के(...)'

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बांग्लादेश: साम्प्रदायिकता का पुनरूत्थान

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 10-03-2013 12:05:00

' -राम पुनियानीहमारा पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश, इस्लामवादी जमायते इस्लामी द्वारा की जा रही हिंसा से हलकान है। इस हिंसा में अब तक 50 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। कई घायल हुए हैं और हिन्दू पूजास्थलों को नुकसान पहुंचाया गया है। हिंसा बांग्लादेश की सीमा को पार कर कोलकाता तक आ पहुंची है। पिछले और इस माह, मुस्लिम साम्प्रदायिक तत्वों और मायनारिटी यूथ आर्गनाईजेशन जैसे कई संगठनों के सदस्यों की भीड़ ने कोलकाता में जम कर उत्पात मचाया। यह हिंसा जमायते इस्लामी के(...)'

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शिन्दे का हिन्दू आतंकवाद

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 30-01-2013 14:57:00

'नामकरण की दुविधा -राम पुनियानीकेन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे के हिन्दू आतंकवाद और उसके भाजपा व आरएसएस से संबंधों के बारे में बयान (23 जनवरी, 2013) के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। अगले सत्र में संसद की कार्यवाही न चलने देने की धमकियां भी दी जा रही हैं। गृहमंत्री के बयान के दो हिस्से हैं-पहला, ‘आतंकवाद‘ शब्द के पहले ‘हिन्दू‘ उपसर्ग का प्रयोग और दूसरा, संघ और भाजपा पर आतंकी प्रशिक्षण केन्द्र संचालित करने का आरोप। शिन्दे ने जिसे हिन्दू आतंकवाद कहा है, उसे भगवा (...)'

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मुसलमानों का सबसे बुरा दुश्मन

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 07-01-2013 08:47:00

'इर्शादुल हक,सम्पादक नौकरशाही डॉट इनअकबरुद्दीन ओवैसी आप मुसलमानों के ऐसे दुश्मन हैं जो उनकी ही आस्तीन में रह कर उन्हें ही डस लेता है.भारत के 25 करोड़ मुसलमानों को यहां के सौ करोड़ हिंदुओं से भिड़ाने की बात कह कर आपने मोहम्मद अली जिन्ना की याद दिला दी है.तभी तो शायर जावेद अख्तर ने आपको “मुसलमानों का सबसे बुरा दुश्मन” तक कह दिया.मुझे ही नहीं भारत के करोड़ों मुसलमानों को जावेद अख्तर की बात सही लगी.आपका हावभाव आपका आचरण जिन्ना की दूसरे फेज की राजनीतिक पारी की तरह है.आप मत भूलिए कि जिन्ना(...)'

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प्रेस विज्ञप्ति- मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों महिला विरोधी बयानों और जीन्स जलाने का महिला संगठनों द्वारा विरोध

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 01-01-2013 13:54:00

'मध्य प्रदेश के दमोह जिले में जीन्स जलाए जाने की घटना की हम निन्दा करते हैं। हम स्तब्ध हैं कि बाबूलाल गौर, रामकृष्ण कुसुमारिया और कैलाश विजयवर्गीय ने इसे सही ठहराया और महिलाओं के पहनावे के बारे में ऐसे वक्तव्य दिए जो महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के मामले में सारे दोष को महिलाओं पर ही थोप देते हैं। हम इसका पुरज़ोर विरोध करते हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि हमारे पहनावे का हमारे साथ होने वाली हिंसा से कोई सम्बन्ध नहीं है और हमारा पहनावा हमारी आज़ादी व हमारे संवैधानिक मूल अधिकार का हिस्(...)'

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महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी चाहिए

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 25-12-2012 07:40:00

'-- अंजलि सिन्हादिल्ली गैंगरेप की घटना के विरोध में लोगों का गुस्सा चौतरफा देखा जा रहा है। न केवल सत्ता के शिखर तक उसकी आग पहुंची है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी लोग, जिनमें स्त्रियां और पुरुष, दोनों शामिल हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सरगर्मी गली-मुहल्ले में भी देखी जा रही है, जहां लोग लड़कियों-स्त्रियों की सुरक्षा के स्थायी उपाय खोजने की मांग कर रहे हैं।हमारे समाज में अकसर बलात्कार की घटना के बाद पीड़िता को ही दोषी ठहराने की मानसिकता का बोलबाला है। लोग पीड़िता के पहनावे पर स(...)'

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एक तस्वीर ने बर्बाद की ज़िंदगी

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 20-12-2012 07:55:00

'जून 2009 में तेहरान में हुए प्रदर्शनों में एक महिला की गोली मार कर हत्या कर दी गई और जल्द ही निदा आग़ा सुल्तान तेहरान में हुए इन प्रदर्शनों का चेहरा बन गईं.फर्क सिर्फ इतना है कि जिस चेहरे को लेकर लोगों का गुस्सा और उनकी सहानुभूतियां उमड़ीं वो चेहरा निदा आग़ा सुल्तान का नहीं बल्कि एक विश्वविद्यालय की प्राध्यापक निदा सुल्तानी का था.निदा सुल्तानी की ज़बानी..उनकी आपबीती:निदा आगा सुल्तान के लिए प्रोफेसर निदा की तस्वीर के साथ मार्च करते लोग.''इक्कीस जून 2009 को सुबह जब मैं अपने दफ्तर पहुं(...)'

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हज-ईद अल अधाह (बकर ईद): एक आलोचनात्मक अध्ययन

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 07-12-2012 08:02:00

'शमशाद इलाही अंसारीइस्लाम धर्म के पांच स्थायी फ़र्ज़ों में अंतिम फ़र्ज़ (धार्मिक कर्तव्य) है हज जो इस वर्ष २०११ के ६ नवंबर को सऊदी में मनाया जायेगा और ७ नवंबर को भारत सहित अन्य दक्षिणी ऐशियाई देशों में. यह दिन सालाना हज का अंतिम दिन होता है, इसे ईद(...)'

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आओ कसाब को फांसी दे - अंशु मालवीय

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 22-11-2012 14:47:00

'--अंशु मालवीय"आओ कसाब को फाँसी दें !उसे चौराहे पर फाँसी दें !बल्कि उसे उस चौराहे पर फाँसी देंजिस पर फ्लड लाईट लगाकरविधर्मी औरतों से बलात्कार किया गयागाजे-बाजे के साथकैमरे और करतबों के साथलोकतंत्र की जय बोलते हुएउसे उस पेड़ की डाल पर फाँसी देंजिस पर कुछ देर पहले खुदकुशी कर रहा था किसानउसे पोखरन में फाँसी देंऔर मरने से पहले उसके मुंह परएक मुट्ठी रेडियोएक्टिव धूल मल देंउसे जादूगोड़ा में फाँसी देंउसे अबूझमाड़ में फाँसी देंउसे बाटला हाउस में फाँसी देंउसे फाँसी दें.........कश्मीर मेंगुमशु(...)'

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कविता - सभी लोग और बाक़ी लोग

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 10-11-2012 06:26:00

'सभी लोग बराबर हैंसभी लोग स्वतंत्र हैंसभी लोग हैं न्याय के हक़दारसभी लोग इस धरती के हिस्सेदार हैंबाक़ी लोग अपने घर जाएँसभी लोगों को आज़ादी हैदिन में, रात में आगे बढने कीऐश में रहने कीतैश में आने कीसभी लोग रहते हैं सभी जगहसभी लोग, सभी लोगों की मदद करते हैंसभी लोगों को मिलता है सभी कुछसभी लोग अपने-अपने घरों में सुखी हैंबाक़ी लोग दुखी हैं तो क्या सभी लोग मर जाएँये देश सभी लोगों के लिये हैये दुनिया सभी लोगों के लिये हैहम क्या करें अगर बाक़ी लोग हैं सभी लोगों से ज़्यादाबाक़ी लोग अपने घर ज(...)'

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सर सैय्यद डेः जुबानी जमाखर्च से काम नहीं चलेगा

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 06-11-2012 05:40:00

'-डाॅ. असगर अली इंजीनियरसर सैय्यद अहमद खान 17 अक्टूबर को जन्मे थे और हर साल इस दिन अलीगढ़ मुस्लिम विष्वविद्यालय के पूर्व छात्र उनकी जयंती काफी धूमधाम से मनाते हैं। इस अवसर पर भोज का आयोजन भी किया जाता है। इस साल भी अलीगढ़ मुस्लिम विष्वविद्यालय पूर्व छात्र संगठन की महाराष्ट्र इकाई ने 17 अक्टूबर को मुंबई में सर सैय्यद डे का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे वरिष्ठ पत्रकार श्री कुलदीप नैय्यर। इन पक्तियों का लेखक, तीस्ता सीतलवाड और महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य अमीन पटेल को इस का(...)'

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कम उम्र में विवाह से नहीं रूकेंगे बलात्कार

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 02-11-2012 15:29:00

'-राम पुनियानीहरियाणा में हाल में बलात्कार की घटनाओं की श्रृंखला ने इस गंभीर और क्रूर अपराध के कारणों पर एक बहस की शुरूआत कर दी है। इन घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है, इस बारे में भी अलग-अलग राय व्यक्त की जा रही हैं। प्रगतिशील दृष्टिकोण वाले तबके का मानना है कि बलात्कार के पीछे लैंगिक असमानताएं हैं और इन्हें रोकने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण और कुछ कानूनी उपाय किए जाना आवश्यक हैं। दूसरी ओर, इस बारे में दकियानूसी वर्ग की सोच भी दिलचस्प है। कुख्यात खाप पंचायतों का कहना है कि चूंकि आजकल (...)'

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पुष्पा की कहानी

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 23-10-2012 12:07:00

'पुष्पा, ओझा गौंड आदिवासी समाज से हैं। इसके पिताजी लगभग 35 वर्ष पहले काम-घंधे की तलाष में भोपाल आए थे। भोपाल में रहने की जगह और भीषण वंचित स्थिति के चलते चेतक ब्रिज के समीप एक प्लाॅट में झोपड़ी (6 गुणा 8 फीट) बनाकर रहने लगे। आज इस 55 गुणा 55 की जगह में इनके परिवार के साथ 33 अन्य परिवार जिनमें 210 लोग हैं रहते हैं। बिजली नहीं है, पीने के लिये पानी कुल जमा 1 नल है जिससें 2 घंटे प्रतिदिन पानी मिलता है और 34 घरों के लोग इस पर निर्भर हैं। पुष्पा समेत उसके परिवार के अन्य लोग कचरा चुनना, सा(...)'

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खुदरा कारोबार के मिथक

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 13-10-2012 06:07:00

'सुभाष गाताडे भारत सरकार का दावा है कि खुदरा कारोबार में विदेशी पूंजीनिवेश की राह खोलने से छह सौ अरब डॉलर तक पूंजी यहां पहुंचेगी। दूसरी तरफ के आलोचक इस तरह का अनुमान पेश कर रहे हैं कि वालमार्ट और उस जैसीकंपनियों के आने से कितने लाख लोग बेरोजगार होंगे, आदि। लगता है दोनों पक्षों की तरफ से छवि की लड़ाई चल रही है। कुल खुदरा कारोबार में आज बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी चार-पांच फीसद है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि 2018 तक यह हिस्सेदारी बढ़ कर पचीस फीसद हो जाएगी।  इस पूरी आपाधा(...)'

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पुलिस और सांप्रदायिक दंगे

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 06-10-2012 07:54:00

'-डा. असगर अली इंजीनियरप्रथम दृष्टया, यह अत्यंत घिसापिटा विषय लगता है। सांप्रदायिक फसादों के दौरान और उनके बाद व पहले, पुलिस की भूमिका के बारे में पूर्व से ही हम सब बहुत-कुछ जानते हैं। हाल में, राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में, प्रधानमंत्री ने देश में सांप्रदायिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जाहिर की थी। इस सम्मेलन में गुप्तचर सेवाओं के अधिकारियों ने भी भाग लिया था। स्पष्टतः, जब देश के प्रधानमंत्री किसी समस्या(...)'

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गरीबी रेखा में पिसता गरीब

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 19-09-2012 07:36:00

'राखी रघुवंशीPhoto Credit  http://www.thehindu.com/देश भर में गरीबी को लेकर मोंटेकनुमा बहसों के साथ जो तथ्य और आंकड़े पिछले कुछ सालों में सामने आये हैं, उसने गरीब और गरीबी की परिभाषाओं को लगातार उलझाने का काम किया है. अब तक की तमाम सरकारें गरीबों की संख्या कम होने का दावा करती रही हैं लेकिन न गरीब कम हुये और ना ही गरीबी. उलटे हमारी अर्थव्यवस्था ने पिछले दो दशकों में इनकी संख्या में भयावह तरीके से इजाफा किया है और सरकारी दस्तावेज झूठ गढ़ने में लगे हुये हैं. योजना आयोग ने 19 मार्च(...)'

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ब्रेविक के बहाने दिखा यूरोप का नव नाजीवाद

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 31-08-2012 13:41:00

'सुभाष गाताडे  credit - http://www.cartoonmovement.comपिछले दिनों नार्वे की एक अदालत ने आतंकी ब्रेविक को 21 साल कैद बामशक्कत की सजा सुनाई। ब्रेविक ने पिछले साल जुलाई में 77 लोगों को मार डाला था। इस आतंकी का कहना था कि इस तरह वह अपने देश को उस ' मुस्लिम आक्रमण ' से बचाना चाहता था , जो सत्ताधारी लेबर पार्टी की आप्रवासी नीति के चलते संभव हुआ है। ब्रेविक पर चला मुकदमा हत्यारे को सजा दिलाने के लिए निर्मित जनदबाव के लिए जाना जाएगा। इस मुहिम का एक यादगार पल था , राजधानी ओस्लो की सड़कों(...)'

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Mutant Modernities, Socialist Futures-

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 07-08-2012 09:22:00

'Nagarjuna University Lecture by Dr. Ravi SinhaJuly 24, 2012Modernity and socialism can be daunting subjects. Both have had a long history and both have impacted on humanity in ways few other ideas, systems or forms of life have. In a famous incident, perhaps not entirely apocryphal, Chou En Lai, when asked about the impact of the French Revolution on the western civilization by Richard Nixon, is supposed to have answered, “It is too soon to tell.”[1] It seems to me that Chou’s ripos(...)'

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असम हिंसा: खतरे की घंटी

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 04-08-2012 05:46:00

' -राम पुनियानीphoto courtesy rediff.com असम के बोडो क्षेत्रीय स्वायत्तशासी जिलों कोकराझार और चिरांग में हुई व्यापक हिंसा (जुलाई 2012) ने देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। प्रधानमंत्री स्वयं हिंसाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे और वहां के घटनाक्रम को देश के लिए कलंक बताया। उन्होंने हिंसा पर नियंत्रण करने में असफल रहने पर अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री की जमकर खिंचाई भी की। क्षेत्र में सेना की तैनाती में अक्षम्य देरी हुई, जिससे हालात बिगड़ते चले गए। असम में जो कुछ घटा, (...)'

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शिक्षक होने का भार

Author : युवा संवाद      Blog : तरकश      Date : 12-07-2012 04:35:00

'फैज़  "चिल्लाओ मत, ओए उठ इधर आ- तेरे को कित्ती बार बोला मस्ती मत कर, चल मुर्गा बन जा"। ये संवाद मेरे जैसे कितने ही बेक बन्चेर्स में सिरहन पैदा कर देते थे। लगता था फिर पड़ेगी, ये कमीना मारता बहुत बुरा है। ऐसा और ना जाने क्या क्या सोंचकर  शिक्षकों की ड्राक्यूला वाली छवी मन में बनती रही। लकिन सरकारी विद्यालयों में  शिक्षकों  के साथ काम करते हुए जब  मैने 3-4 साल बिताये। तब मैंने  कई मायनों में  शिक्षकों की दयनीय स्थिति मेरे समझ आई। (...)'

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