“गुलाब भरा आँगन”
Author
: Praveen Gugnani
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: Swatantra Vichar
Date
: 5/13/2013 6:14:00 PM
'“गुलाब भरा आँगन” सहजता सिमटता हवा का झोंका सहज होनें का करता था भरपूर प्रयास. बांवरा सा हवा का वह झोंका गुलाबों भरे आँगन से चुरा लेता था बहुत सी गंध और उसे तान लेता था स्वयं पर. गुलाब वहां ठिठक जाते थे हवा के ऐसे अजब से स्पर्श से किन्तु हो जाते थे कितनें ही विनम्र मर्म स्पर्शी और ह्रदय को छू लेनें को आतुर. हवा का वह झोंक(...)'
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सर्वदलीय निंदा, लानत हो और बर्खास्त हो “वन्दे-मातरम्” का अपमान कर्ता सांसद
Author
: Praveen Gugnani
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: Swatantra Vichar
Date
: 5/11/2013 3:27:00 AM
'सर्वदलीय निंदा, लानत हो और बर्खास्त हो “वन्दे-मातरम्” का अपमान कर्ता सांसद महान कवि और लेखक बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रविवार, कार्तिक सुदी नवमी, शके १७९७ (७ नवम्बर १८७५) को पूर्ण किये गए अप्रतिम, भावपूर्ण और सुन्दर गीत वन्देमातरम के विषय में कौन सच्चा भारतीय गौरव भान और आदर भाव नहीं रखना चाहेगा यह अविश्वसनीय सवाल है!! भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन में महत्वपूर्ण, जीवट भूमिका निभानें वाले और अबाल वृद्ध देश भक्त भारतीयों में देश प्रेम और मातृभुमि के(...)'
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बेशरम कांग्रेस को वोट देकर क्या जनता भी बेशरम नहीं हो गई है?
Author
: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 5/10/2013 11:21:00 AM
'राजीव खण्डेलवाल: कर्नाटक विधानसभा के हुए चुनाव में कांग्रेस की हुई विजय न तो आश्चर्यजनक और न ही अचंभित करने वाले परिणाम है। कर्नाटक भाजपा से येदुरप्पा के अलग पार्टी (केजीपी) बनाने के बाद से ही यह स्पष्ट हो गया था कि वोटो का बॅटवारा होने के कारण कांग्रेस की सरकार बननी तय है जैसे कि एग्जिट पोल में भी बतलाया गया था। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हुआ है? यदि भाजपा और येदुरप्पा के वोट जोड़ दिये जाये तो भी वे कांग्रेस को प्राप्त वोटो से अधिक नहीं(...)'
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सन्दर्भ: हमारें विदेश मंत्री की ९ मई से प्रारम्भ हो रही चीन यात्रा
Author
: admin svatantravhchar
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: Swatantra Vichar
Date
: 5/8/2013 10:07:00 AM
'याद रखें, चीनी कब्जा सीमित और स्थानीय समस्या नहीं है!! प्रवीण गुगनानी,Photo: ibnlive.in.comguni.pra@gmail.com चीनी सेना द्वारा धृष्टता और दुष्टता पूर्वक भारतीय भूभाग पर19 किमी तक घुस कर कब्जा कर लेनें हमारें प्रधानमन्त्री मन मोहन सिंह द्वारा इस कब्जे को सीमित और स्थानीय समस्या का विशिष्ट दर्जा देनें के बाद उल्लेखनीय तथ्य है कि हमारें विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद 9 मई को चीन यात्रा पर जा रहें हैं(...)'
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रामलला बैठे टाट तलें तो मैं कैसे होली खेलूँ ?
Author
: Krishna Baraskar
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: Swatantra Vichar
Date
: 3/26/2013 3:03:00 PM
' रामलला बैठे टाट तलें तो मैं कैसे होली खेलूँ ?जन्म भूमि पर नहीं है मंदिर, कैसे होली खेलूँ ?? सम्पूर्ण भारत भू पर लिखा नाम राम का कण कण धरा उसकी नभ भी श्री राम का पर क्यो कैसे अंतर(...)'
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देश के ‘‘लोकतंत्र’’ में क्या ‘‘राजनीतिक तंत्र’’ ‘‘अप्रासंगिक’’ हो गया है?
Author
: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 12/29/2012 9:26:00 AM
'राजीव खण्डेलवाल:Photo from:freethoughtblogs.com हमारा देश भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से सरकार जनता के हितों के लिए और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए हितकारी सरकार के रूप में कार्य करने की कल्पना हमारे संविधान के निर्माताओं ने की थी। उक्त प्रणाली कमोबेस कई संशोधनों के बावजूद आज तक लागू है। स्वाधी(...)'
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हे मेरे सरकारी ‘‘आकाश’’! अब तो धरती पर आजा
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: Krishna Baraskar
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: Swatantra Vichar
Date
: 11/26/2012 4:07:00 PM
'देश का सबसे सस्ता टेबलेट कम्प्यूटर जिसने अवतरण होते ही पूरे देश में धूम मचा दी। भारत सरकार की योजना अनुसार ‘‘आकाश’’ देश के समस्त विद्यार्थियों को बहुत ही नाममात्र के दाम पर उपलब्ध किया जाना था। इसके घोषणा दिनांक २२ जुलाई २०१० को एक प्रोटोटाइप का अनावरण किया गया। अवतरण से ही नाम के अनूरूप टेबलेट के गुणो का भी गान किया जा रहा है। एक के बाद एक इसके 4 संस्करण सुनने में आ गये है। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के हाथो से इसका लोकार्पण किया गया। कुछ समय पूर्व इसी आकाश टेबलेट का गुज(...)'
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भ्रष्ट्राचाररोधी कुकुरमुत्ता संगठन! स्वघोषित सीबीआई!
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: Krishna Baraskar
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: Swatantra Vichar
Date
: 11/9/2012 6:56:00 PM
'"आजकल देशभर में फैले ‘‘भ्रष्ट्राचार’’ एवं प्रशासन संचालन में ‘‘अव्यवस्था’’ रूपी दानव से लड़ने हेतु एक बड़ा माहौल चहुओर फैलता जा रहा है। देश का प्रत्येक नागरिक आज स्वच्छ, ईमानदार और कुशल व्यवस्था चाहता है। ऐसी स्थिति लाने के लिए आम आदमी कोई भी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। यही कारण है कि स्वतंत्रता के बाद 65 सालों से कुशासन और भ्रष्ट्राचार में डूबे अपने वतन को बचाने के लिए जनता सीना ताने खड़ी हो गई है। जो आवाम कल तक यह सोचकर भ्रष्टाचार को सहन करती जा रही थी कि जाने दो इससे हमें कौनसा(...)'
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बाली ऊमर? सेक्स चाहे रोज करो! शादी अभी, मत करो?
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: Krishna Baraskar
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: Swatantra Vichar
Date
: 10/19/2012 12:56:00 PM
'कृष्णा बारस्कर, बैतूल:‘‘लीव-इन-रिलेशनशिप को सपोर्ट और खाप पंचायतो के 16-18 वर्ष में विवाह की न्यूनतम सीमा तय करने के सुझाव को नकारने वालो को क्या यह नहीं सोचना चाहिए कि देश का भविष्य कहलाने वाले युवा अब इतने कमजोर नहीं रहे। वे हर मुसीबत का सामना करने में सक्षम है! जन्म से लेकर मृत्यू तक बेपनाह मोहब्बत करने वाले मॉ बांप को जो धोखा दे सकते है! इसी बाली ऊमर में क्षणिक उन्माद में पैदा हुए प्यार के लिए घर छोड़कर भाग सकते है! मॉं बापू के निस्वार्थ अथाह प्यार को भूलकर एक ऐसे इन्सान से(...)'
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नेता ‘‘निर्लज बयानवीर’’ या ‘‘जनता बेशर्म’’?
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: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 10/17/2012 12:31:00 PM
'राजीव खंडेलवाल: देश की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस के हरियाणा के नेता श्री धरमवीर गोयत का आया यह बयान कि ‘‘अधिकतर रेप आपसी सहमति से होते हैं’’ उनका मानना है कि‘‘ रेप के 90 फीसदी मामले आपसी सहमति से किए जाने वाले सेक्स के चलते सामने आते हैं, और यह कहने में मुझे कोई झिझक नहीं है। 90 फीसदी लड़कियां मर्जी से सेक्स करना चाहती हैं। वास्तव में यह बयान सम्पूर्ण महिला समाज के साथ एक क्रूर मजाक है।इसके पूर्व इसी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा व यूपीए प्रमुख श्रीमती सोनिया गांधी का हरियाणा मे(...)'
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अरविन्द कौन?
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: Krishna Baraskar
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: Swatantra Vichar
Date
: 10/4/2012 12:26:00 PM
'व्यंग्य स्वामी रामदेव कौन?प्रसिद्द योगगुरु और सामाजिक कार्यकर्ता..अन्ना है कौन?स्वामी रामदेव के द्वारा देहली लाये गए महारास्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता,,अरविन्द है कौन?एक सेवानिवृत सरकारी अधिकारी,एक एनजीओ संचालक..---लोकपाल जनआन्दोलन के बाद .अन्ना कौन?प्रसिद्द सामाजिक कार्यकर्ता,अरविन्द है कौन?अन्ना टीम के मुख्या सदश्य.लोकपाल जनआन्दोलन,अरविन्द कौन?अरविन्द अन्ना के सारथीअरविन्द मशहूर समाजसेवीअरविन्द अन्ना के हनुमानअन्ना ने ये कहा, अन्ना ने वो कहा, अन्न(...)'
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क्या अरविंद केजरीवाल ‘‘आम’’ आदमी है?
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: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 10/4/2012 3:25:00 AM
'राजीव खण्डेलवाल:‘‘मैं आम आदमी हूं’’ के जयघोष एवं ‘टोपी’ के साथ अरविंद केजरीवाल ने नई पार्टी बनाने की घोषणा बिना ‘‘विश्वास’’ (कुमार) के कर दी। जब घोषणा के समय ही विश्वसनीय साथी रहे का विश्वास अरविंद अर्जित नहीं कर पाये जो शायद ‘‘आम’’ आदमी अरविंद केजरीवाल की नजर में नहीं थे इसलिए उन्होने ‘आम‘ आदमी के समर्थन की अपील की। आखिरकार इस देश में राजनीति तो वास्तव में ‘आम’ आदमी ही कर रहा है या ‘आम’ आदमी के नाम पर ही हो रही है? क्या अब भी यह एक प्रश्नवाचक चिन्ह है? हर राजनैतिक नेता के मुख से हम(...)'
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बेचारा! पुतला कही का!
Author
: Krishna Baraskar
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: Swatantra Vichar
Date
: 10/3/2012 3:38:00 PM
'रोज जलता है, फिर भी जिंदा है। खामोश रहता है, फिर भी चर्चाबिंदु है। बेचारा! पुतला कही का! कुछ दिन पहले मैं एक नामी गिरामी संगठन के साथ स्वदेशी आंदोलन के अंतर्गत एफडीआई (देश के खुदरा व्यापार में सीधा विदेशी निवेश) के विरोध में पुतला दहन कार्यक्रम में होकर आया हूं। लगभग 100-150 लोग जमा हुए। थोड़ी देर तक नगर के चौक-चौराहो से हाथो में ऍफ़डीआई विरोधी तख्तिया पकडकर गाड़ियो की रैली निकाली अंत में नगर के मुख्य चौराहे पर जमा हुए। वहां सरकार, एफडीआई, महंगाई के विरोध में खूब(...)'
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‘मंजिल एक’ लेकिन रास्ते अलग-अलग!
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: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 9/19/2012 9:29:00 AM
'अन्ना की साहसपूर्ण स्वीकारोक्ति! एक सही कदम!राजीव खण्डेलवाल:अंततः अन्ना हजारे ने पिछले लगभग डेढ़ वर्षो से भ्रष्टाचार के विरूद्ध जनलोकपाल बिल के लिये चले आ रहे आंदोलन के सम्बंध में राजनैतिक पार्टी बनाने के मुद्दे पर आंदोलन के दो धड़ो में सीधे विभाजन की सीमा तक मतभेद को स्वीकार कर लिया है। यह आंदोलन दो धड़ो में बट गया है यह अप्रिय वास्तविकता है। आपको याद होगा जब अन्ना ने अपना आंदोलन समाप्त किया था तब उन्होने मंच से यह घोषणा की थी कि अब राजनैतिक विकल्प के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा (...)'
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ओंकारेश्वर बांध पर जल समाधी आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता
Author
: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 9/10/2012 12:26:00 PM
'Photo from: http://www.bhaskar.comराजीव खण्डेलवाल: विगत 17 दिन से चला आ रहा मात्र ओंकारेश्वर बांध पर घोघल गांव के मात्र 51 ग्राम निवासियों की जल समाधी हर तरह से एक ऐतिहासिक छाप छोड़ गया। इंदिरा सागर डेम को 260 मीटर के ऊपर पानी भरने से डूब क्षेत्र में आये 29 गांव हैं जहां के खेत, घर, आबादी और रास्ते पानी से घिर रहे हैं। सम्बंधित गांवो के लोग उनके पुनर्वास की व्यवस्था किये बगैर डेम का जल स्तर बढ़ाने का घोर विरो(...)'
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माननीय जस्टिस कापड़िया का कथन बिल्कुल सही, भले ही देरी से!
Author
: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 8/30/2012 7:45:00 AM
'राजीव खण्डेलवाल: उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एच.एम. कापड़िया का यह कथन कि ‘‘जजों को देश नहीं चलाना चाहिए न ही उन्हे नीति बनानी चाहिए’’ बल्कि वे मात्र फैसला दे, भारत की न्यायपालिका के इतिहास में एक मील का पत्थर अवश्य सिद्ध होगा। पिछले कुछ समय से माननीय उच्चतम न्यायालय के विभिन्न विषयों पर जो निर्णय आ रहे थे उनके परिपेक्ष में उक्त कथन की आवश्यकता बहुत समय से महसूस की जा रही थी। यदि पाठकगण मेेरे पूर्व के लेखों को ध्यान में लाए तो मैने यही बात पूर्व में भी कुछ न्यायि(...)'
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‘दीदी’ के बयान पर इतना हाय-तौबा क्यों?
Author
: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 8/28/2012 9:15:00 AM
'राजीव खण्डेलवाल: विगत दिवस पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बेनर्जी का यह बयान आया कि ऐसे अनेक उदाहरण है जिससे पता चलता है कि अदालत में पैसे के बदले मन मुताबिक फैसले दिये जाते है। इस बयान पर पूरे देश मेें हाय-तौबा मचा। देश के कई संगठनों सहित बुद्धिजीवियों ने इसकी आलोचना की। कुछ लोगो ने इसे न्यायपालिका की अवमानना बताया और कानूनी कार्यवाही भी प्रारम्भ की। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी इसका संज्ञान लिया है। प्रश्न(...)'
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सोनिया क्या न्यायपालिका का प्रतिरूप बन गई है
Author
: Rajeeva Khandelwal
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: Swatantra Vichar
Date
: 8/22/2012 12:26:00 PM
'फोटो: newindianexpress.comराजीव खंडेलवाल: असाम हिंसा की घटना पर सोनिया गांधी के पीड़ितो को सहलाने गई असाम दौरे के दौरान यह बयान कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए यह प्रश्न उत्पन्न करता है कि यह कड़ी सजा देगा कौन? जो कुछ असाम में घटित हुई इसकी सर्वत्र आलोचना हुई है। जिस प्रदेश से देश का प्रधानमंत्री प्रतिनिधित्व करता हो वहॉ अचानक यह शर्मनाक घटना का होना एक कलंक है। घटना के संबंध में बोडो आंदोलन से जुड़े व्यक्ति जो सरकार में शामिल है पर आरोप प्रत्यारोप लगे है। समय पर केंद्र सरकार की (...)'
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अन्ना के आंदोलन का बहीखाताः क्या पाया! क्या खोया!
Author
: Rajeeva Khandelwal
Blog
: Swatantra Vichar
Date
: 8/3/2012 2:50:00 PM
' जनता के सामने राजनैतिक विकल्प प्रस्तुत करने के इरादे के साथ अन्ना द्वारा सांय 5 बजे से अनशन समाप्ति की घोषणा पर मीडिया में यह सुर्खिया कि एक बड़े जन आंदोलन की मौत/ हत्या, हो गई छायी रही। वास्तव में उक्त आंदोलन के समाप्त होने के प्रभाव एवं परिणाम की विवेचना किया जाना इसलिए आवश्यक है कि यह भविष्य की देश की राजनीतिक दिशा को तय करने में एक महत्वपूर्ण कारक होगा। सर्वप्रथम यह बात तो अन्ना को मालूम ही होनी चाहिये जब वह तीसरी बार जनलोकपाल(...)'
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भ्रष्टाचार की समस्या का निवारण मात्र जनलोकपाल कानून नहीं बल्कि ‘दोहरे चरित्र’ की समाप्ति की आवश्यकता
Author
: Rajeeva Khandelwal
Blog
: Swatantra Vichar
Date
: 8/3/2012 2:49:00 PM
'राजीव खंडेलवाल : अन्ना का ‘जनलोकपाल बिल’ को कानून बनाने के लिए चल रहा आंदोलन के दौरान ही जनता के बीच यह साफ हो चुका था कि मात्र जनलोकपाल कानून बनने से भ्रष्टाचार की समस्या का न तो निवारण होगा और न ही उस पर प्रभावी अंकुश लग पायेगा। समस्या कानून की न होने की नहीं, लागू होने की नही है बल्कि उसको लागू करने वाले व्यक्तियों के दोहरे चरित्र होने के कारण उनकी की दृढ़ इच्छाशक्ति का अभाव का होना है। (...)'
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