प्रथम गुरु है माँ माँ माँ माँ माँ
Author
: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 5/10/2012 5:11:00 PM
'ज्ञातवास के समय यक्ष ने युधिष्ठिर से प्रश्न किया था- पृथ्वी से भारी क्या है? तो युधिष्ठिर ने तुरंत जवाब दिया- पृथ्वी से भारी मां होती है। यह बिल्कुल सही उत्तर था। कारण, पृथ्वी तो सिर्फ दुनिया भर के भार का वहन करती है, लेकिन मां अपने बच्चों के दुख-दर्द, इच्छाओं-अनिच्छाओं, उनकी भूख-प्यास और उनके हर कार्यकलाप को न सिर्फ वहन करती है, बल्कि उसका निराकरण भी करती है। बच्चे को जरा सी चोट लगती है, तो दर्द मां को होता है। वहीं बच्चा खुश होता है, तो मां भी प्रफुल्लित हो जाती है। महर्षि दयानंद (...)'
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माँ लक्ष्मी स्त्रोत
Author
: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 4/22/2012 7:52:00 AM
'धन और ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी की पूजा सेजहां दरिद्रता का अंधेरा दूर होकर सुखसमृद्धि का उजाला भरने वाली है।वहीं व्यावहारिक संदेश यह है कि जीवन मेंधन के साथ ज्ञान, विचार और बुद्धि बलभी जीवन से कलह, दु:ख और कष्टों को दूर करनेके लिए अहम हैं। अगर आप भी जीवन से जुड़ेकिसी संताप, परेशानी या समस्याओंका सामना कर रहे हैं तो शाम के वक्तनियमित रूप से खासतौर पर शुक्रवार के दिनमाता लक्ष्मी के इस स्त्रोत का पाठ जरूरकरें - शाम को माता लक्ष्मी की सामान्यपूजा उपचारों गंध, अक्षत, फूल, फल, धूप औरघी का द(...)'
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परिक्षा के समय ध्यान रखने योग्य बातेँ
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 2/28/2012 6:50:00 PM
'परिक्षा के समय स्ट्रेस की वजह से कुछ यादनही रहता. भूलने लागता है. ऐसी शिकायतबहोतसे छात्र करते है. तो इस स्ट्रेसका क्या करना यह प्रश्न उपस्थीत होता है.इस वजह से छात्र और पालक दोनोने कुछ चिजेध्यानमे रखना चाहिए.तनाव बढानेवाले व्यक्ती से बचेपरिक्षा के समय पढाई करो, ऐसे करो, ये पढो,ये मत पढो, ऐसे बतानेवाले लोग अगर आपके आस-पास है तो आप उनसे बचे. खास कर ऐसे दोस्तजो हमेशा कहतेही रहते को मेरी पढाईनही हो रही है, कुछ याद नाही रह रहा है,इनसे तो जरूर बचे.अच्छा आहारआप क्या खाते हो इसपेभी आपका आरो(...)'
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शिव पुजा मंत्र
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 1/9/2012 6:55:00 PM
'भगवान भोलेनाथ की पूजा का संकल्प लेतेसमय इस मंत्र का उच्चारण करें.देवदेव महादेवनीलकण्ठ नमोऽस्तु ते |कर्तुमिच्छाम्यहं देव शिवरात्रिव्रतं तव ||तव प्रभावाद्देवेश ! निर्विघ्नेन भवेदिति |कामाद्याः शत्रवो मां वै पीडां कुर्वन्तु नैवहि ||भगवान शंकर को स्नान समर्पण के दौरानइस मंत्र का उच्चारण करें.ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भसर्ज्जनीस्थो |वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्यऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद् ||भगवान शिव का आवाहन इन मंत्रों केद्वारा करें.कैलासशिखरस्थं च पार्वतीपतिमुत्तमम् ||यथोक्तरुपिणं (...)'
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भैरव सिध्दी साधना
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 1/9/2012 6:32:00 PM
'काल भैरव साधना1. काल भैरव भगवान शिव का अत्यन्त ही उग्रतथा तेजस्वी स्वरूप है.2. सभी प्रकार के पूजन/हवन/प्रयोग में रक्षार्थइनका पुजन होता है.3. ब्रह्मा का पांचवां शीश खंडन भैरव नेही किया था.4. इन्हे काशी का कोतवाल माना जाता है.5. नीचे लिखे मन्त्र की १०८माला रात्रि को करें.6. काले रंग का वस्त्र तथा आसन रहेगा.7. दिशा दक्षिण की ओर मुंह करके बैठें8. इस साधना से भय का विनाश होता हैतथा साह्स का संचार होता है.9. यह तन्त्र बाधा, भूत बाधा,तथा दुर्घटना सेरक्षा प्रदायक है.॥ ऊं भ्रं कालभैरवाय फ़ट ॥'
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तंन्त्रोक्त भैरव कवच
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 1/2/2012 7:21:00 AM
'ॐ सहस्त्रारे महाचक्रे कर्पूरधवले गुरुः |पातु मां बटुको देवो भैरवः सर्वकर्मसु ||पूर्वस्यामसितांगो मां दिशि रक्षतुसर्वदा |आग्नेयां च रुरुः पातु दक्षिणे चण्डभैरवः ||नैॠत्यां क्रोधनः पातु उन्मत्तः पातुपश्चिमे |वायव्यां मां कपाली च नित्यं पायात्सुरेश्वरः ||भीषणो भैरवः पातु उत्तरास्यां तुसर्वदा |संहार भैरवः पायादीशान्यां चमहेश्वरः ||ऊर्ध्वं पातु विधाता च पातालेनन्दको विभुः |सद्योजातस्तु मां पायात्सर्वतो देवसेवितः ||रामदेवो वनान्ते च वने घोरस्तथावतु |जले तत्पुरुषः पातु स्थले ईशान एव च ||डा(...)'
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Devi Skandmata Maa
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 9/28/2011 12:40:00 PM
'Maa Durga's fifth form is Maa Skandmata. She is worshipped on the fifth day of Navratri.During Navratra her worship blesses the saadhak is blessed with bounties of all kinds. She is also known as Padmaasanaa as she sits on a Lotus.She is known as Skandamaata because she is the mother of Skanda or Lord Kaartikeya. Lord Kartikeya was the Chief of God's army during devaasur sangram.'
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Devi Kushmanda Maa
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 9/28/2011 12:38:00 PM
'Maa Durga's Fourth Form is Devi Kushmanda Maa . She provides the basic necessities, and every day sustenance to the world. She is worshipped on fourth day of Navratri or Navratra.When the world was not in existence, there was darkness all around. At this time, Maa Kushmandaa created the Brahmand with her 'Ishat' laughter. This way, she is the creator of the whole universe and she is the aadi shakti.She is believed to reside in the innermost core of Sun. Her light and en(...)'
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Devi Chandraghanta Maa
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 9/28/2011 12:32:00 PM
'Maa Durga's third form is Maa Chandraghanta. She is known as Chandraghanta because she is adorned by a Crescent Moon (Chandra) shaped like a Ghantaa (a metallic bell). Maa Chandraghanta punishes the demons and devilish persons. She ensures justice by saving her devotees from all kinds of dangers.'
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Devi Brahmacharini Maa
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: vijay ojha
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: JAI SHRI MAA LATIYAL
Date
: 9/28/2011 12:28:00 PM
'Brahma means tapasya or meditation. Maa durga 's second form is of Maa Brahmacharini - one of the Navdurga . Brahma-charini means one who practices tapasya. In her last life she was born as the daughter of Pravatraj Himalaya. At that time she followed the guidelines of Devarshi Narad and meditated for more than one thousand years to have Lord Shiva as her husband. She is worshipped on the second day of Navratri.'
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