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कहना ही क्या : बॉम्बे (1995)

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 09-12-2012 13:43:00

'कहना ही क्याये नैन एक अन्जान से जो मिले चलने लगे, मोहब्बत के जैसे ये सिलसिलेअरमां नये ऐसे दिल में खिलेजिनको कभी मैं ना जानूं वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिलेकैसे मिले दिल ना जानूंअब क्या करेंक्या नाम लेंकैसे उन्हे मैं पुकारूंपहली ही नजर में कुछ हम, कुछ तुमहो जातें है यूं गुम नैनों से बरसे रिम-झिम, रिम-झिमहमपे प्यार का सावनशर्म थोड़ी-थोड़ी हमको, आये तो नज़रें झुक जाएँसितम थोड़ा-थोड़ा हमपे, शोख हवा भी कर जाये ऐसी चली, आँचल उड़े, दिल में एक तूफ़ान उठे हम तो लुट गये खड़े ही खड़े कहना ही क्य(...)'

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सांस में तेरी सांस मिली तो - जब तक है जान (2012)

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 30-11-2012 14:12:00

'सांस में तेरी सांस मिली तोमुझे सांस आईरूह ने छू ली जिस्म की खुश्बूतू जो पास आईकब तक होश संभाले कोईहोश उड़े तो उड़ जाने दोदिल कब सीधी राह चला हैराह मुड़े तो मुड़ जाने दोतेरे ख़याल में डूबके अक्सरअच्छी लगी तन्हाईसांस में तेरी...रात तेरी बाँहों में कटे तोसुबह बड़ी हलकी लगती हैआँख में रहने लगे हो क्या तुमक्यूँ छलकी-छलकी लगती हैमुझको फिर से छू के बोलोमेरी कसम क्या खाईसांस में तेरी...'

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हीर हीर ना आँखों अड़ियो -जब तक है जान (2012)

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 30-11-2012 14:11:00

'हीर हीर ना आँखों अड़ियो मैं ते साहेबा होईघोड़ी ले के आवे लै जाएहो मैनू लै जाए मिर्ज़ा कोई ओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे वरगाहंसदा-ए सजर-सवेरे वरगाअन्खां बंद कर लै तेठन्डे हनेरे वरगाओहदे जे ही मैं, ते ओह मेरे मिर्ज़ा वरगाहीर हीर ना...नाल नाल टुर ना ते विथ रखणाहद रख लेणा विच दिल रखणाछाँवे-छाँवे पावे असी तेरीपर छाँवे टुर नाओहदे जे ही मैं ते ओ मिर्ज़ा मेरे वरगाहीर हीर ना...'

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तुम तो ठहरे परदेसी (1998)

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 30-11-2012 13:36:00

'तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगेसुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगेसुबह पहली गाड़ी से...जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी(खिंचे खिंचे हुए रहते हो, ध्यान किसका हैज़रा बताओ तो ये इम्तेहान किसका हैहमें भुला दो मगर ये तो याद ही होगानई सड़क पे पुराना मकान किसका है)जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगीआँसुओं की बारिश में तुम भी भीग जाओगेतुम तो ठहरे परदेसी...ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं(तुझको देखेंगे सितारे तो ज़िया मांगेंगेऔर प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगेअपने कांधे से दु(...)'

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ये जिस्म है तो क्या : जिस्म 2

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 21-09-2012 16:12:00

'ये जिस्म है तो क्याये रूह का लिबास हैये दर्द है तो क्याये इश्क की तलाश हैफ़ना किया मुझेये चाहने की आस नेतरह तरहशिक़स्त ही हुआरज़ा है क्या तेरीदिल-ओ-जहाँ तबाह कियासज़ा भी क्या तेरीवफ़ा को बेवफा कियादुबारा ज़िन्दगी से यूँ मुझे जुदा कियाकहाँ-कहाँ फिरूँ मैं ढूंढतावहाँ-जहाँ तू ही मेरा लिबास हैवहाँ-जहाँ तेरी ही बस तलाश हैवहाँ-जहाँ तुझी पे ख़तम आस हैवहीँ शुरू वहीँ पे दफ़न जान हैये जिस्म है तो क्या...'

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इश्क भी किया रे मौला : जिस्म 2

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 21-09-2012 16:11:00

'इश्क भी किया रे मौलादर्द भी दिया रे मौलायूँ तो खुश रहा मगरकुछ रह गया बाकीफक्र भी किया है मौलाइल्म भी लिया रे मौलाज़िन्दगी जिया मगरकुछ रह गया बाकीतू नहीं दिखा रे मौलासब नहीं बिका रे मौलाऔर जहाँ रुका वहाँ पेजाम है खालीचाह की कमी में तू हैआँख की नमी में तू हैआंसूं में तू प्यास में तूसांस में तूबेवजह हंसी में तू हैजो दिखे उसी में तू हैअश्क में तू, रश्क में तूजान में तूइश्क भी किया...ज़ीस्त की सच्चाईयों सेरूह की गहराईयों सेरात की तन्हाइयों सेतू गुज़र ज़रा...'

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गोरी तेरी आँखें कहें, रात भर सोयी नहीं : गोरी तेरी आँखें

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 21-09-2012 15:04:00

'गोरी तेरी आँखें कहें, रात भर सोयी नहींचंदा देखे चुपके कहीं, और तारे जानते हैं सभीके किसने दिल ले लिया, किसको दिल दे दियाये दिल का लगाना कोई जानता नहींगोरी तेरी आँखें...दिल में तेरी याद बसी तू समझेगा नहींजो है मेरे पास है तेरा, मेरा कुछ नहींक्यूँ अंखियाँ छुपाऊँ, क्यूँ तुझको सताऊँदिल तोड़ के तेरा मैं क्या पाऊंबोल पिया बोल पिया बोल...साजन तेरी बातें बड़ी, के मैं रात भर सोयी नहींचंदा ने भी देखा नहीं, और तारों को ये मालूम नहींकि मैंने तुझे दिल दिया, तेरा दिल ले लियामेरा तू ही है बहाना, क(...)'

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शाम सवेरे तेरी यादें आती हैं : सुनो (1996)

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 21-09-2012 15:01:00

'शाम सवेरे तेरी यादें आती हैंआके दिल को मेरे यूँ तड़पाती हैंओ सनम मोहब्बत की कसममिलके बिछड़ना तो दस्तूर हो गयायादों में तेरी मैं जो दूर हो गयाओ सनम तेरी यादों की कसमसमझे ज़माना के दिल है खिलौनाजाना है अब क्या है दिल का लगानानज़रों से ना यूँ हमको गिरानामर भी गए तो भूल न जानाआँखों में बसी हो पर दूर हो कहींदिल के करीब हो ये मुझको है यकींओ सनम तेरे प्यार की कसम'

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ये हलकट जवानी : हीरोइन

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 03-09-2012 07:42:00

'आजा..आजा..आजा..आ  आजाआजा  ज़रा सरक लेगिर  ले  ज़रा  बहक लेसाइया ज़रा छलक ले , हाएआके  मोह  से  लिपट  लेटेढ़ा  जहर  है  ये  इस  से  ना कर छेडखानि लाइफ  की  नोटी  कहानी ये हलकट जवानीये हलकट जवानी....मीठा ये नमकीन पानीये हलकट जवानीये हलकट जवानीलाइफ की नोटी कहानीये हलकट जवानीये हलकट जवानी ...ता  तान  तान  ता ना ना रे ता  ता ...आ  आ , छोरों की  नीयत हलाल करे  आहअरे(...)'

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आय वांट फ़क्त यू :जोकर

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 30-08-2012 07:33:00

'हेंय ...!हाय  हाय  रे  एंटी  माल वाह  काई   बेवडी  चाल   [x2]आली  करने  धमाल  और  मचाने  बवाल  काफिराना  है  नीयत  मेरी  आशिकाना  है  सीरत  मेरी फासियाना यह इरादे  मेरे जादुआना  है  माया  मेरी पापी  ये  अंग  है साली  कलंक है आये  न  ये  पोरी बाज़   बहक(...)'

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अभी अभी तो मिले हो : जिस्म 2

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 17-08-2012 13:03:00

'अभी अभी तो मिले होअभी ना करो छूटने की बातअभी अभी तो पसंद आये होअभी अभी रूठने की बातअभी अभी तो रौशनी आईअभी ना करो मुंह छुपाने की बातअभी अभी ज़िन्दगी शुरू हैअभी अभी थम जाने की बातहम तो हारे, माहिया रेमूंदें नैना, नींद तिहारेतेरी बाज़ूओं में मेरी चाहतें समायेतेरी धड़कनों को मेरी धडकनें सुनायेतेरी ख्वाहिशों से मेरी ख्वाहिशें रिहा हैंतेरी करवटों से मेरी दास्ताँ बयाँ हैक्या सुकूं, क्या जुनूंहम नवा…अभी अभी दिल की सुनी हैअभी ना करो ज़माने की बातअभी अभी बातें रुकी हैंअभी अभी दोहराने की बातअ(...)'

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ये तो सच है की भगवान है : हम साथ साथ है

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 27-06-2012 12:42:00

'ये तो सच है की भगवान हैहै मगर फिर भी अन्जान हैधरती पे रूप माँ-बाप काउस विधाता की पहचान हैजन्मदाता हैं जो, नाम जिनसे मिलाथामकर जिनकी उंगली है बचपन चलाकांधे पर बैठ के, जिनके देखा जहांज्ञान जिनसे मिला, क्या बुरा, क्या भलाइतने उपकार हैं क्या कहेंये बताना न आसान हैधरती पे रूप...जन्म देती है जो, माँ जिसे जग कहेअपनी संतान में, प्राण जिसके रहेलोरियां होंठों पर, सपने बुनती नज़रनींद जो वार दे, हँस के हर दुःख सहेममता के रूप में है प्रभूआपसे पाया वरदान हैधरती पे रूप...आपके ख्वाब हम, आज होकर जवा(...)'

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इक बगल में चाँद होगा, इक बगल में रोटियां : गैंग्स ऑफ वासेपुर

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 14-06-2012 15:11:00

'इक बगल में चाँद होगा, इक बगल में रोटियांइक बगल में नींद होगी, इक बगल में लोरियांहम चाँद पे रोटी की चादर डालकर सो जायेंगेऔर नींद से कह देंगे लोरी कल सुनाने आयेंगेइक बगल में खनखनाती सीपियाँ हो जाएँगीइक बगल में कुछ रुलाती सिसकियाँ हो जाएँगीहम सीपियों में भरके सारे तारे छूके आयेंगेऔर सिसकियों को गुदगुदी कर कर के यूँ बहलाएँगेअब न तेरी सिसकियों पे कोई रोने आएगागम न कर जो आएगा वो फिर कभी न जायेगायाद रख पर कोई अनहोनी नहीं तू लाएगीलाएगी तो फिर कहानी और कुछ हो जाएगीहोनी और अनहोनी की परवाह किस(...)'

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Do You Want Me, Do You Need Me ? : हाउसफुल-2

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 09-06-2012 10:22:00

'do you want me, do you need me wanna love me,  आजा बेबी मेरे नालright now now... do you want me, do you need me wanna love me, आजा बेबी मेरे नालright now now...सोनी तेरे नाल मै ते जींदडी बितावंगा जो भी होवे हाल मै ते जींदडी बितावंगा तेरा जो इशारा मिले मैं ते मरजावा do you want me, do you need me wanna love me, आजा बेबी मेरे नालright now now...take me in your arms and say you'll never ever leave me, right now i'll never leave you baby say you really want me(...)'

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ज़रा सा, ज़रा सा : जन्नत - 2

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 06-06-2012 11:02:00

'ज़रा सा, ज़रा सालगे तू खफ़ा साज़रा सा, ज़रा सागिला बेवजह सातेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदाजन्नतें कहाँ, बिन हुए फना(ज़रा सा, ज़रा सामुझे है गुमा साज़रा सा, ज़रा साअभी है नशा सातेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदाजन्नतें कहाँ, बिन हुए फना)(ज़रा सा, ज़रा साराहों में धुंआ सातेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदाजन्नतें कहाँ, बिन हुए फना)अब एक धुंआ सा दिखता हैजो भी लिखूं मैं मिटता है दो पल में हीवो बातें, वो रातें, वो यादें, किसी कीछूटती ही जा रही हैटूटती ही जा रही हैवो हर कड़ीइन साँसों को, आहों को, मेरे (...)'

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कतिया करूँ, कतिया करूँ : रोकस्टार

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 02-06-2012 09:06:00

'कतिया करूँ, कतिया करूँसारी रातें कतिया करूँसारा दिन सोचा विच लंगदातेरे लै हूंण जियूं ते मरूंएह तन मेराचरखा होवेहोवे उलफत यार दीचित्ता रूपनचदी फिरूंटपदी फिरूंकीली मैंनपदी फिरूंहद्द करूँयारा बुल्ले लुटिया करूँमैनूं डर हूंण नइयो जगदातेरे लै हूंण जियूं ते मरूं'

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मैं परेशां :इशकज़ादे

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 27-05-2012 06:11:00

'नए-नए नैना रे ढूंढे हैंदर-बदर क्यूँ तुझेनए-नए मंज़र ये तकते हैंइस कदर क्यूँ मुझेज़रा-ज़रा फूलों पे झड़ने लगा दिल मेराज़रा-ज़रा काँटों से लगने लगा दिल मेरामैं परेशां, परेशां, परेशां, परेशांआतिशें वो कहाँमैं परेशां, परेशां, परेशां, परेशांरंजिशें हैं धुंआबेबात खुद पे मरने लगी हूँ, मरने लगी हूँबेबाक आहें भरने लगी हूँ, भरने लगी हूँचाहत के छीटें हैं, खारे भी मीठे हैंमैं क्या से क्या हो गयीज़रा-ज़रा फितरत बदलने लगा दिल मेराज़रा-ज़रा किस्मत से लड़ने लगा दिल मेरामैं परेशां...'

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मारा रे : फरारी की सवारी

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 25-05-2012 12:01:00

'हे  मारा , एह  मारा यह  मारा , वो  मारा यह  मारा , ये  मारा , ये  मारा ..हे  हिट , एह  हिट हिट  हियर , हिट  देयर   इट्स हिट , इट्स  हिट , इट्स  हिट ..मारा  रे  सिक्सर  , मारा  रे  फौर देखो  तो  देखो  तो अपना  यह  स्कोर  पब्लिक  तो  पब्लिक  है रन  मांगे  मोर मोर .. मो(...)'

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मला जाऊ दे : फरारी की सवारी

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 25-05-2012 11:41:00

'ए  मेरे  मरद  का  मिजाज़  भरी वादा  करके  है  लाया  फेर्रारी देखे  है  पूरा  कोलीवाडा आता  थोडा  सा भाव  माला  खाऊ  दे मला  जाऊ  दे मला  जाऊ  दे  मुझे  जाने  दे हां  हां  मला  जाऊ  दे  मैं  जिधर  भी  जाऊं  सबको  ऊँगली  पे  नचाऊपतली  गली  वट  ले  मै&nbs(...)'

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कुछ तो है तुझसे राबता : एजेंट विनोद

Author : Jitendra Indave      Blog : mere-geet      Date : 16-05-2012 14:16:00

'कहते हैं खुदा ने इस जहां में सभी के लिएकिसी ना किसी को है बनाया हर किसी के लिएतेरा मिलना है उस रब का इशारामानो मुझको बनाया तेरे जैसे ही किसी के लिएकुछ तो है तुझसे राबताकुछ तो है तुझसे राबताकैसे हम जानें, हमें क्या पताकुछ तो है तुझसे राबतातू हमसफ़र है, फिर क्या फिकर हैजीने की वजह यही है, मरना इसी के लिएकहते हैं खुदा ने...मेहरबानी जाते-जाते मुझपे कर गयागुज़रता सा लम्हां एक दामन भर गयातेरे नज़ारा मिला, रोशन सितारा मिलातकदीर की कश्तियों को किनारा मिलासदियों से तरसे हैं, जैसी ज़िन्दगी के(...)'

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