गृह विज्ञान ..किसके लिए ?
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 18-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!बुधवारीय हलचल में प्रस्तुत हैं यह चुनिन्दा लिंक्स-शीतयुद्धोत्तर परिप्रेक्ष्य की तलाश और मार्क्सवादी रूढ़ियांहमार महल्ला !!! Lose control!!!! तकिए अपने होते हैं गृह विज्ञान ..किसके लिए ? शब्द ही तो हैं .....आखिर सरकार का क्या बिगाड़ लेंगे!यशवन्त माथुर '
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मज़ेदार और मस्त
Author
: vibha rani Shrivastava
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 17-06-2013 22:30:00
'☼ शुभप्रभात .... !☼ मन बावरानाचे-झूमे,हो खुश पा अलौकिक बड़ी अनोखी और भव्य शादी है मज़ेदार और मस्त मुस्कराने की बातें करो क्या करें क्या ना करें अवसाद क्यूँ होता है एक ताज़ी हवा का झोंका मौन न जाने क्यों रह जाता अनुत्तरित प्रश्न यह है कि महंगी हो गई रोटी, दाल।मुझे दीजिये इजाजत .... फिर मिलते हैं .... विभा रानी श्रीवास्तव '
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'तार' की स्मृति..
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 16-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!सप्ताह की पहली हलचल में आप सभी का स्वागत है इन लिंक्स के साथ - लौट कर कब जाउंगा मैं घर मेरा मेरी जियारतजेठ की दुपहरी में आम और अम्बौरी में तार तार हुआ जाता स्नेह का तार 'तार' की स्मृति.. एक क्षण .......खिलखिलाने के लिए एक क्षण बहुत है ये कैसा रिश्ता है जो हर पल रिसता है दलित समुदाय (आज के वाल्मीकि) को गुमराह किया गया थाइसे पढ़ कर आपकी तीसरी आँख खुल जाएगी मोबाइल,डी टी एच और डाटा कार्ड को घर बैठे रीचार्ज करें काम की बात य(...)'
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नार्वे पहला स्वतन्त्र देश जहां महिलाओं को मताधिकार मिला
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 15-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!रविवारीय हलचल मे आप सभी का हार्दिक स्वागत है इन लिंक्स के साथ--नार्वे पहला स्वतन्त्र देश जहां महिलाओं को मताधिकार मिलागर्व के 100 साल आपके वस्त्र आपकी सोच का पता नहीं देते सटीक बात बरगद से बाबूजी श्रद्धांजलि 'तार' से बेतार होना !ज़माना बदल रहा है मैकबुक मिनीनयी खोज चाँद पकड़ने की जिद .....अच्छी ज़िद है बारिस धरती का जीवन है बेशक यशवन्त माथुर '
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थर्टीन ट्रैवल स्टोरीज़!!!
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 14-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!यशोदा दीदी इस सप्ताह बाहर हैं,अतः आज शनिवार के लिंक्स भी मैं ही प्रस्तुत कर रहा हूँ..... थर्टीन ट्रैवल स्टोरीज़!!!ट्रू स्टोरीज़ ऑफ आ जर्नी सुख उपहार जागरण का हैकैसा माया जाल बिछा है ..... रुसवाई का सबबहमें नहीं पता चाटुकारी और चाटुकारइस दुनिया में दोनों ही हैं कुछ प्रश्न अनुत्तरित रहने देंतो ही अच्छा होगा रूत मिलन की अभी नहीं आई दास्तान-ए-इस्तीफ़ा इसे भी पढ़ लेते हैं नक़ाब..... अभी तक तो हटा नहीं फिक्सिंग और सट्टा ‘जायज़’ (...)'
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किसने किया था तुम्हारा सृजन? शुकरवारीय हलचल कुलदीप ठाकुर के साथ।
Author
: Kuldeep Thakur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 13-06-2013 19:30:00
'आज है शुकरवार... लाया हूं आप की रचनाओं की बहार... न करना पड़ेगा अब इंतज़ार... स्वागत एवं अभिनंदन है आप का इस नयी पुरानी हलचल में... जिस प्रकार रोज नया सूरज उगता है उसी प्रकार इस ब्लौग पर भी प्रातः होते ही आप पढ़ते हैं ब्लौग जगत की नयी पुरानी हलचल... सब से पहले और हर रोज एक नये अंदाज के साथ....पेश है आज की हलचल इस भक्तिमय रचना के साथ...लक्ष्मण जी के शक्ति मारी मेघनाथ छली था भारी , ला संजीवनी प्राण बचाए हनुमत संकट हारी , अंजनी पुत्र की महिमा का त्रिलोकों में गुणग(...)'
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आयी है घर में बहार
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 12-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!आप सभी का स्वागत है आज की हलचल में । तुषार जी आज कुछ व्यस्त हैं। अतः मैं ही पेश कर रहा हूँ कुछ चुने हुए लिंक्स-आयी है घर में बहारखिड़की पर गिलहरी कुत्ते बन चुके हैं कमाई का जरिया एलोपैथी के दुष्परिणाम और बचाव का उपायकोई मुझे रुला गया'बेगैरत..' बारिश यशवन्त माथुर '
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ऐसे होगा 'भारत-निर्माण' ?
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 11-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!बुधवारीय हलचल में पेश हैं झटपट लिंक्स-प्रायश्चित (बाल कहानी) संगीत बन जाओ तुम! 'प्यारे दोस्त..' नक्सलवाद या मनुष्यवाद "बनना चाहती हूँ एक नदी" हर शहर में एक समंदर होना चाहिए... "स्कूल कैसा हो ........ऐसे होगा 'भारत-निर्माण' ? अमीर खुसरो : एक अद्भुत महान हिंदुस्तानी पाक गईल अमवाँ कि ना..? यशवन्त माथुर '
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बेमुरौव्वत
Author
: vibha rani Shrivastava
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 10-06-2013 22:30:00
'☼ शुभप्रभात .... !☼ http://shairo-shairy.blogspot.in/2012/04/blog-post_3230.html http://amreshsrivastava.blogspot.in/2011/10/blog-post_13.htmlउपर्युक्त दोनों लिंक्स में शब्द एक से हैं .... किसे सच मान लूँ .... किसे झूठ मान लूँ ....ऐसा क्यूँ होता है .... ? इतनी बेमुरव्वत लोग क्यूँ होते हैं .... ??जब कभी वो हंस परे तो फूल सारे खिल उठे शरमों हया से मुस्कुराती फुलझड़ी सी वो दिखीउस अदा के क्या कहूँ जो बस सितम करते रहे दिल तड़पता आहें भरता मद भरी सी वो दिखी&n(...)'
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इस शहर का नाम भोपाल है....
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 09-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!सप्ताह की पहली हलचल मे आपका स्वागत है इन लिंक्स के साथ इस शहर का नाम भोपाल है....बात कुछ खास है :)गर्मी का आलम ..............सर्दी क्या जाने देखता हूँ मुड़ करउसी राह पर जनता होशियार : हमारे संसदीय राजा आखेट पर निकले हैंकोई शिकार हुआ या नहीं शब्द प्रपातशब्दों की किस्मत में बिखरना ही है एकतीस साल गुजराती गईबहुत बहुत मुबारक घुंघरू कब सुनाएँगे अपनी झनकार चैत की चंदनियाचादर सी ,चूनर सी हंसअब हो गए (...)'
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एक कोना आकाश ...
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 08-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!रविवारीय हलचल मे आपका स्वागत है इन लिंक्स के साथ- एक कोना आकाश ...की चाहत है एक रास्ता है मनकुछ कहने सुनने के लिये कठपुतलियाँहैं हम सब रश्मिरथी : भूमिका सेकुछ बातें काजल रोज़ लगाने का मन करता है ...अच्छी बात है ख़ुशी की वजह... कुछ तो होनी ही चाहिये Aameen इच्छा पूरी हो यशवन्त माथुर '
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दूर-पास का लगाव-अलगाव
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 07-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!आप सभी के स्नेह से कल 7 जून को इस ब्लॉग ने 2 वर्ष का सफर पूरा कर लिया। आदरणीया विभा आंटी,यशोदा दीदी,दीप्ति जी,कुलदीप जी और तुषार जी के अमूल्य सहयोग से हलचल का सफर फिलहाल जारी है। यशोदा दीदी 1 सप्ताह तक अनुपस्थित हैं अतः आज के लिंक्स मेरे द्वारा -दूर-पास का लगाव-अलगावकहानी रिश्तों की विवाह की इकतीसवीं वर्षगाँठ बहुत बहुत मुबारक हो घरेलू हिंसा से जुडी कुछ क़ानूनी जानकारी आपके लिए इसे जानना ज़रूरी है जहरीला इन्सानखतरे की घंटी ऐसे भी हो(...)'
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दुखों को मुस्कान बनाकर......हलचल की वार्षिक पोस्ट
Author
: Kuldeep Thakur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 06-06-2013 19:30:00
'नमस्कार एवं शुभप्रभात...आज से 2 वर्ष पहले आज ही के दिन यानी 7 जून 2011 को भाई यशवंत जी ने समेकित उदेश्यों के साथ इस ब्लौग को प्रारंभ किया था। इस लिए इस ब्लौग ने आज के दिन अपना 2 वर्षों का समय पुरा कर दिया है। ये मेरा सौभाग्य है कि आज मैं भी इस ब्लौग पर प्रस्तुति दे पा रहा हूं... इस के लिए मैं यशवंत भाई एवं समस्त हलचल परिवार का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं... इस शुभ अवसर पर हलचल प्रारंभ करने से पहले ये संदेशमय कवितादुखों को मुस्कान बनाकरअपना एक मुकाम बनाकर जीवन को मचा(...)'
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अनमोल वचन
Author
: तुषार राज रस्तोगी
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 05-06-2013 22:30:00
'आदरणीय मित्रों! सादर नमस्कार,हाज़िर हूँ आपके सामने अपनी एक नई हलचल के साथ | आशा करता हूँ मेरी हलचल आपको पसंद आएगी और सोचने-विचारने पर विविश कर देगी |दिल एक आइना है | अगर मैला न हो तो ईश्वर भी नज़र आता है | मनुष्य को सदा उत्तम वाणी अर्थात श्रेष्ठ लहजे में बात करना चाहिये |हमेशा सत्य वचन बोलना चाहिये, संयमित बोलना, मितभाषी होना चाहियें | कम बोलने वाला मनुष्य सदा सर्वत्र सम्मानित व सुपूज्य होता है |अपने से कमज़ोर पर ज़ुल्म मत करो वरना ईश्वर तुम पर जाबिर(...)'
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हे ईश्वर मुझे ठीक समय पर जगा देना......बुध का मतलब शुद्ध
Author
: yashoda agrawal
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 04-06-2013 22:00:00
'और जगा भी दिया भगवान ने मुझेआज विश्व पर्यावरण दिवस हैआज हम प्रण करें किवातावरण को दूषित करने वालेहर व्यक्ति से दूरी बना लें...अब चलें लिंक्स की ओरः-ये सही तो नहीं है ना .... ?? हे ईश्वर मुझे ठीक समय पर जगा देना .... हृदय गवाक्षअपने मन की बंद खिड़कीसीपिकाएँ!औरब्लॉगिंग के सम्बन्ध दिल का पैगाम साहिबा लाया छंद भावो के फिर सजा लाया।मैंने उसको....सताया नही !!! करता था मैं उनसे प्यारऔर आज भी करता हूँ,ग़ज़ल कर गया दर्द फिर बेहाल मुझे ॥ जब भी आया तेरा ख्याल मुझे ॥क्षमा..... आत्मा(...)'
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Karoon Main Kese Adaa Shuker Iss Nawazish Ka
Author
: vibha rani Shrivastava
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 03-06-2013 22:30:00
'☼ शुभप्रभात .... !☼ http://sft78600.blogspot.in/2011/12/gazal.htmlTumharey Rah badalney ki baat kis sey karun Dabi Dabi Si Wo MuskarahatLabon Pa Apna Saja Saja K,Wo Naram Lehja Main Baat KarnaAda Sa Nazrain Jhuka Jhuka K,Wo Aankh Teri Shararti SiWo Zulf Matha Pa Nachti Si,Nazar Hatay Na Ek Pal BiMain Thak Gya Hon Hata Hata K,Wo Tera Hathon Ki Unglion KoMilla Ka Zulfon Main Kho Sa Jana,Haya Ko Chehray Pa Phir SjanaPhool Chehra Khila Khila K,Bheegti Hui Ankhon Ka (...)'
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बीमार ट्रेन्ड .....ये सही तो नहीं है ना .... ??
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 02-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!सप्ताह की पहली प्रस्तुति में आपका स्वागत है इन लिंक्स के साथ- काश ! हमेशा मेरे पापा ऐसे ही रहते तो कितना अच्छा होतासच में बहुत अच्छा होता नीली रौशनी के तले आओ बैठें हम और तुम रामविलास शर्मा की प्रसिद्ध कविता दाराशिकोहआप भी पढ़िये बुढ़ापे ने है निकम्मा कर दिया ...सच में ...?दायरेकिसके कितने .....? शतरंजसिर्फ एक खेल ही नहीं ये सही तो नहीं है ना .... ??जो गलत है वो कभी सही नहीं हो सकता बीमार ट्रेन्ड यानि बदलाव की ज़रूरत (...)'
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‘वेलिब’ यानी साईकिलों की आजादी : दुनिया का नया फैशन --ब्लॉग जगत में मेरा 1096 वां दिन
Author
: Yashwant Mathur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 01-06-2013 22:30:00
'नमस्कार!2 जून 2010 को मैंने ब्लॉग पर पहली पोस्ट लिखी थी। यानि आज आप लोगों के बीच 3 वर्ष पूरे हो गए। ठीक 5 वें दिन यह ब्लॉग भी अपने 2 साल पूरे करेगा। इन 3 वर्षों में पिछला एक वर्ष अपने अंतिम क्षणों तक मेरे को काफी कुछ सिखाने वाला रहा है। खैर लीजिये पेश हैं आज के यह चुनिन्दा लिंक्स- तुम्हारा एहसास सब से अलग है ‘वेलिब’ यानी साईकिलों की आजादी : दुनिया का नया फैशन / सुनीलसाइकिल ज़िंदाबाद खुशीसब को नहीं मिलती मध्यवर्ग का बदलता चरित्र : अनिल (...)'
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ऐ जिन्दगी, तुझसे मैं सवाल क्या करूँ और शिकायत क्या करूँ......शनिवारीय अंक
Author
: yashoda agrawal
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 31-05-2013 22:30:00
'1 जून...डॉक्टर्स डे महीने का पहला दिनआज से प्रतीक्षा प्रारम्भबारिश की....समाचार है किकेरल में इसी हफ्ते आ जाएगामानसून......चलिये लिंक्स की ओरः- बच्चे तो कच्ची मिट्टी हैं,जैसे चाहो ढल जायेंगे.जिन्दगी तुझसे क्यासवाल करूँ , क्या शिकायत करूँहमारा इश्क सूखी रोटी से रहा है,गोल-गोल दूर-दूर वो तो माहताब हैं.क्या दूँ आज तुम्हे मैं समझ में नहीं आ रहासंवेदना केशुष्क तरु सानिध्य में,पुष्प प्रीति के,ढूंढे जा रहे हैं आज।कल मैंने सड़क के साँप को देखा था ।सच कहूँ तो भारतवर्ष के पाप को देखा था (...)'
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सफर...शुकरवारीय हलचल...
Author
: Kuldeep Thakur
Blog
: नयी-पुरानी हलचल
Date
: 30-05-2013 19:30:00
'नमस्कार एवं शुभप्रभात...आज मई महिने का अंतिम दिन है और कल वर्ष के चठे महिने का प्रारंभ हो रहा है...मानसून आने वाली है और सभी चाहते हैं शीतलता पाना... बस गर्मी कुछ दिनों की महमान है।पेश है शुकरवारीय नई पुरानी हलचल के लिए आप की रचनाओं के मेरी पसंद के कुछ लिंक... सन्यासी बोला” जरा सोचो , तुमने बाघ को किस तरह अपने वश में किया….जब एक हिंसक पशु को धैर्य और प्रेम से जीता जा सकता है तो क्याएक इंसान को नहीं ? विजयी भवः... हम अगली पीढ़ी को सौंप रहे&nbs(...)'
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